8 Oct 2017

Chaahat wo nahin jo jaan deti hai

Chaahat wo nahin jo


Chaahat वो नही जो जान देती है,

चाहत वो नहीं जो Muskaan देती है,

ऐ दोस्त चाहत तो वो है,

जो पानी में गिरा aansu पहचान लेती हैं.

 

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Aayiye hum aapke liye mahfil sajaaye baithe hai

Aankhon ne kaise kaise manzar dekhe hain | Best hindi sayeri

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लोग जल जाते हैं मेरी Muskaan पर क्योंकि
मैंने कभी Dard की नुमाइश नहीं की

Zindagi से जो मिला कबूल किया
किसी चीज की फरमाइश नहीं की

मुश्किल है समझ पाना मुझे क्योंकी
जीने के अलग है अंदाज मेरे

जब जहां जो मिला अपना लिया*
ना मिला उसकी ख्वाहिश नहीं की।

 

 

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Aankhon ne kaise kaise manzar dekhe hain | Best hindi sayeri

Meri mumtaaj bewafa nikli

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जो तू चाहे वो तेरा हो,
रोशन रातें और खूबसूरत सवेरा हो,
जारी रहें हमारी Dosti का सिलसिला,
कामयाब हर मंजिल पर dost मेरा हो |

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