8 Sep 2017

मेरे जीने या मरने से उसे क्या फर्क पड़ता है....

मेरे जीने या मरने से......


मेरे जीने या मरने से,

उसे क्या फर्क पड़ता है.

हवा बनकर बिखरने से,

उसे क्या फर्क पड़ता है.

उसे तो अपनी खुशियों से,

जरा भी फुर्सत नहीं मिलती.

मेरे गम के उबरने से
उसे क्या फर्क पड़ता है.

उस शख्स की यादों मे
चाहे रोते रहो लेकिन,
तुम्हारे ऐसा करने से
उसे क्या फर्क पड़ता है.

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 Iskadar Ishq Me Mashhoor Huwe Hum….

हिन्दुस्तान खतरे मे है…

Aayiye hum aapke liye mahfil sajaaye baithe hai

मेरी अर्थी पर डाल देना अपना लाल दुपट्टा….
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मेरे जीने या मरने से....In English font




Hawa ban kar bikharne se,
Usey kya farq parta hai.

Mere jeeney ya marne se,
Usey kya farq parta hai.

Usey to apni khushiyon se
Zara bhi fursat nahi milti,
Mere gham ke ubharne se
Usey kya farq parta hai.

us shaks ki yaadon mein
Me chahe rotey raho lekin,
Tumhare aisa karne se
Usey kya farq parta hai…

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