4 Sep 2017

रूलाने को अपनी कहानी काफी है...

रूलाने को अपनी कहानी.......


रूलाने को अपनी कहानी काफी है,
इश्क मे चार पल की जिन्दगानी काफी है.
डुबने के लीये समन्दर की क्या जरूरत,
अपनी पलकों से टपका वो पानी ही काफी है.

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  रूलाने को अपनी ....in english font





Rulane ko apni kahani kafi Hai,
ishq me 4 pal ki jindgani kafi Hai.
dubne ke liye samundar ki kya jrurat,
apni palko se tapka wo pani hi kafi Hai


 

बहाने बनाके आप से बात करते हैं….

कितना भी हो दर्द दिल मे मुस्कुराना पड़ता है – two line sayeri

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